बॉलीवुड में अगर किसी अभिनेता की कहानी संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल बन चुकी है, तो वह हैं ऋतिक रोशन। 10 जनवरी 1974 को जन्मे ऋतिक आज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज वे ‘ग्रीक गॉड’ के नाम से मशहूर हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा।
डॉक्टर्स ने कहा था—एक्टर मत बनो
बहुत कम लोग जानते हैं कि बचपन में ऋतिक रोशन को हकलाने (Stammering) की गंभीर समस्या थी। शब्दों का सही उच्चारण उनके लिए बड़ी चुनौती था। यही नहीं, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या और शारीरिक कमजोरी के चलते डॉक्टर्स ने उन्हें सलाह दी थी कि वह अभिनय जैसे प्रोफेशन से दूर रहें।
लेकिन ऋतिक ने हार नहीं मानी। उन्होंने स्पीच थेरेपी, एक्सरसाइज और अथक अभ्यास से अपनी कमजोरी को धीरे-धीरे काबू में किया।
स्टार किड लगाई होकर भी सेट पर झाड़ू
ऋतिक रोशन भले ही फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हों, लेकिन उन्हें कभी शॉर्टकट नहीं मिला। अपने पिता राकेश रोशन की फिल्मों के सेट पर उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया। कहा जाता है कि उन्होंने सेट पर झाड़ू लगाने से लेकर छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाईं, ताकि फिल्ममेकिंग की बारीकियां समझ सकें।
कमजोरी को बनाया अपनी सबसे बड़ी ताकत
जहां एक ओर बोलने में परेशानी थी, वहीं ऋतिक ने अपने शरीर, डांस और एक्सप्रेशन पर काम किया। उन्होंने खुद को इस कदर तैयार किया कि आज उन्हें बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन डांसर्स और फिट एक्टर में गिना जाता है।
उनकी फिटनेस, एक्शन और स्क्रीन प्रेजेंस ने यह साबित कर दिया कि सीमाएं केवल दिमाग में होती हैं।
‘कहो ना… प्यार है’ से रातोंरात सुपरस्टार
साल 2000 में आई फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ ने ऋतिक को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। इसके बाद कोई… मिल गया, धूम 2, जोधा अकबर, जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, वॉर जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों की कतार में खड़ा कर दिया।
आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा
52 की उम्र में भी ऋतिक रोशन की फिटनेस, अनुशासन और मेहनत युवाओं को प्रेरित करती है। उनकी जिंदगी इस बात का सबूत है कि अगर इंसान ठान ले, तो कोई कमजोरी उसे रोक नहीं सकती।
ऋतिक रोशन सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं।
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