गुजराती सिनेमा ने पिछले एक दशक में जबरदस्त बदलाव देखा है। कभी पारंपरिक कहानियों तक सीमित मानी जाने वाली इंडस्ट्री अब कंटेंट और प्रयोग के दम पर नई पहचान बना चुकी है। ‘ढोलिवुड’ की इस नई लहर की शुरुआत Kevi Rite Jaish से मानी जाती है, जिसने युवाओं के विदेश जाने के सपनों को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश किया।
इसके बाद Wrong Side Raju ने सस्पेंस-थ्रिलर के जरिए दर्शकों को चौंकाया और नेशनल अवॉर्ड जीतकर साबित किया कि गुजराती फिल्में भी गंभीर और प्रभावशाली विषयों को दमदार ढंग से पेश कर सकती हैं। वहीं Hellaro ने महिला सशक्तिकरण की कहानी के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
युवा दर्शकों के बीच Chhello Divas और Bey Yaar खासा लोकप्रिय रहीं। दोस्ती, इमोशन और हल्के-फुल्के मनोरंजन से भरपूर इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की। वहीं Reva ने आध्यात्मिक यात्रा के जरिए अलग तरह की सिनेमाई अनुभूति दी।
इन फिल्मों ने यह साबित कर दिया कि गुजराती सिनेमा अब सिर्फ क्षेत्रीय दायरे में सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत कहानियों और बेहतरीन निर्देशन के दम पर राष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह बना चुका है।

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