आज जब चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है, तो इतिहास के पन्नों में दबी एक कहानी फिर से चर्चा में आ गई है। यह वही चांदी है, जिसके लिए युद्ध लड़े गए, सभ्यताएं उजड़ीं और साम्राज्य खड़े हो गए। चांदी की सबसे चर्चित और दर्दनाक कहानियों में एक है स्पेन और इंका साम्राज्य (आज का बोलीविया) की कहानी।
16वीं सदी में स्पेनिश विजेता ईसाई धर्म फैलाने के नाम पर दक्षिण अमेरिका पहुंचे। लेकिन असली मकसद था—सोना और चांदी। आज के बोलीविया में स्थित पोटोसी (Potosí) पहाड़ को दुनिया की सबसे बड़ी चांदी की खदान माना जाता था। कहा जाता है कि यहां से निकली चांदी से चांदी का पुल तक बनाया जा सकता था।
स्पेन ने इंका साम्राज्य को हराकर पोटोसी की खदानों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद लाखों स्थानीय आदिवासियों को जबरन मजदूरी में झोंक दिया गया। “मिता सिस्टम” के तहत लोग खतरनाक सुरंगों में काम करने को मजबूर थे। इतिहासकारों के अनुसार, लाखों लोग भूख, बीमारी और हादसों में मारे गए।
पोटोसी से निकली चांदी को जहाजों के ज़रिए यूरोप भेजा गया। इसी चांदी ने स्पेन को कुछ समय के लिए दुनिया की सबसे ताकतवर आर्थिक शक्ति बना दिया। यूरोप, चीन और एशिया तक स्पेनिश चांदी ने व्यापार की दिशा बदल दी। यहां तक कि पहली वैश्विक अर्थव्यवस्था की नींव भी इसी लूटी गई चांदी से पड़ी।
.jpg)
No comments:
Post a Comment